
गोपेश्वर। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन की मुहिम रंग लाई तो जिले में पर्यटक स्थलों और सुरम्य बुग्यालों की सैर को आने वाले पर्यटकों को भटकना नहीं पड़ेगा। जिले में हर वर्ष फूलों की घाटी, सतोपंथ, हिम क्रीड़ा स्थली औली सहित सुरम्य बुग्यालों की सैर को काफी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे पर्यटकों को अब रात टेंट में नहीं काटनी पडे़गी। खाने के लिए भी भटकना नहीं पडे़गा। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन पर्यटक स्थलों और ट्रेकिंग रूटों से सटे गांवों में होम स्टे योजना शुरू करने जा रहा है।
यह है पार्क प्रशासन की योजना
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन देश के अंतिम गांव माणा, लाता, रैणी, करछों, उर्गम, तुगासी, देवग्राम, तोलम और सुराईथोटा गांवों में योजना के तहत प्रत्येक परिवार को फर्नीचर, बर्तन और अन्य जरूरत वाले सामान के क्रय के लिए करीब 60 हजार रुपये देगा। ग्रामीणों को आधुनिक फर्नीचर और खाना पकाने के लिए बर्तन भी मुहैया कराए जाएंगे।
उर्गम घाटी के ग्रामीण करते हैं होम स्टे की व्यवस्था
गोपेश्वर। उर्गम घाटी में वर्षभर पर्यटक उमड़ते हैं। यहां लॉज, होटल की व्यवस्था न होने से अधिकांश परिवार पिछले कई सालों से पर्यटकों के लिए होम स्टे की व्यवस्था करते हैं। यहां पर्यटक क्षेत्र के सैर-सपाटे पर आकर ग्रामीणों के घरों में ही रात में विश्राम कर पारंपरिक तरीके से भोजन करते हैं।
पार्क प्रशासन ने शासन के सामने अपनी होम स्टे योजना का प्रपोजल रखा था जिसे स्वीकृति मिल गई है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के ट्रेकिंग रूट औैर पर्यटक स्थलों के समीप कई गांव मौजूद हैं। पर्यटकों को यहां होम स्टे कराने के लिए ग्रामीणों को सुविधाएं दी जाएंगी।
—-राजीव धीमान, डीएफओ, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क, जोशीमठ (चमोली)।
